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निर्माण मजदूरों को श्रमिक योजनाओं का लाभ लेने में हो रही समस्याओं का समाधान कराने को लेकर सीटू कार्यालय पर यूंनियन पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई

इटावा 11 जुलाई 2021 आज निर्माण मजदूरों की मांगों के समाधान को लेकर गैता रोड सीटू कार्यालय में युनियन पदाधिकारियों की बैठक निर्माण मजदूर यूनियन सयोजक व पूर्व अध्यक्ष कामरेड देवीशंकर महावर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई ।
बैठक में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के तह.सचिव कामरेड मुकुटबिहारी जंगम कामरेड मुरारीलालबैरवा (सीटू राज्य कमेटी सदस्य) मौजूद रहे।
बैठक में उपस्थित यूंनियन सदस्यों और पीपल्दा इटावा क्षेत्र के निर्माण मजदूरों को सम्बोधित करते हुए युनियन कोषाध्यक्ष हरिशराठौर ने कहा कि राज्य सरकार से मजदूरों की समस्याओं का समाधान कराने को लेकर मुख्यमंत्री के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने तैयारियां शुरू करने के लिए तह.स्तर की बैठक बुलाई है ।
निर्माण मजदूर यूनियन सीटू इटावा तह.अध्यक्ष कामरेड अमोलक चन्द, उपाध्यक्ष गोपाललाल, मांगीलाल बैरवा,राकेशकुमार, सत्यनारायण, ने बैठक में श्रम विभाग में बढ़ रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने,तय समय मे श्रमिक बोर्ड की ओर से देने, 90 दिन का वेरिफिकेशन का निर्माण यूनियनों को अधिकार दिए जाने,परिवार आईडी के नाम पर रद्द किए आवेदनों की बहाली, सिस्टम चार्टर बनाने,सेंटर प्रोसेसिंग की खामियों को दूर करने, बजरी रेती पर प्रदेश में लगी पाबन्दी रोक को हटाया जाए, सभी मजदूरों को आयुष्मान भारत(ईलाज का लाभ) आवास के लोन की प्रक्रिया को सरल बनाने, शुभशक्ति योजना का लाभ देने और शिक्षा कोशल विकास योजना का लाभ मजदूरों को कक्षा 1 से प्रदेश में लागू करने आदि को लेकर बैठक में विचार व्यक्त किये।
निर्माण मजदूर यूनियन महामंत्री व राज्य कमेटी सदस्य कामरेड मुरारीलालबैरवा ने कहा कि सरकार व श्रम कल्याण बोर्ड की कार्यप्रणाली से असंगठित क्षेत्र के निर्माण मजदूर कल्याण बोर्ड के लाभो से वंचित हो रहे है । जिले के अधिकारी अपनी मनमर्जी से अनाप शनाप शर्ते लगाकर श्रमिको के आवेदनों को रद्द कर रहे है। जिसके कारण मजदूरों को समय पर श्रमिक योजनाओं का लाभ नही मिल पा रहा है। इन सभी समस्याओं के समाधान हेतु सीटू युनियन तह.कमेटी ने निर्णय लिया है कि 20,21 जुलाई तक राज्य सरकार ने युनियन की मांगों लागू नहीं किया तो 3 अगस्त को राज्य सरकार के खिलाफ पीपल्दा क्षेत्र के सैकड़ो निर्माण मजदूरों द्वारा उपखण्ड कार्यालय इटावा के सामने विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
निर्माण मजदूरों को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी के तह.सचिव कामरेड मुकुटबिहारी जंगम ने कहा कि श्रम विभाग में बढ़ रहे भ्रष्टाचार को रोकने के उद्देश्यो से प्रदेश के स्तर पर श्रमिक योजनाओं को डील का सिस्टम अगर बेहतर लागू किया जाए तो दलालों पर रोक लगाई जा सकती है मगर इस सिस्टम में खामियां हैं इसके शुरू होने से हालात ये बन गए है कि जिलावार अधिकारियों द्वारा मनमर्जी से योजना फार्मो में आब्जेक्शन लगाए जाते है जो सरकार का मजदूर विरोधी निर्णय 90 दिन की वेरिफिकेशन के लिए पहले ही निर्माण मजदूरों कारीगरों को दर दर भटकना पड़ रहा है बोर्ड अधिकारियों द्वारा बेमानी शर्ते लगाकर असंगठित क्षेत्र के पंजीकृत निर्माण मजदूरों को सुविधाओ के लाभ से वंचित करने की तैयारी की गई है।
हजारों ऑफलाइन पंजीकृत मजदूरों की श्रमिक डायरियों को अब तक आनलाइन पंजीकृत नही किया जानबुज कर 2 साल से लटकाया या रद्द किया गया है। सरकार तीन माह में मजदूर की लड़की को मिलने वाली सहायता योजना शुभशक्ति के तहत लाभ देने का वादा करती है मगर हालात ये बने हुए हैं किऑनलाइन आवेदन करने के दो दो तीन तीन साल होने के बाद भी अभी तक निर्माण मजदूरों की लड़कियों को शुभशक्ति का लाभ नही मिल पा रहा है। श्रम कल्याण बोर्ड से मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं के लिए शुरू किये गए सेंट्रल प्रोसेसिंग सिस्टम से अब ऐसा लगता है कि श्रम विभाग में पंजीकृत असंगठित क्षेत्र के निर्माण मजदूरों कारीगरों को किसी भी तरह की कोई सुविधा ही नहीं मिल पाएगी।ऐसी हालत में मजदूरों के सामने अपने हक अधिकारों को बचाने के लिए आंदोलन के सिवा दूसरा कोई चारा नहीं है।
युनियन ने निर्माण मजदूरों की समस्याओं के बारे मे राज्य सरकार मुख्यमंत्री और श्रममंत्री व विभागीय अधिकारियों को पहले भी अवगत कराया जा चुका है। लेकिन ठोस कार्यवाही करने के बजाए सरकार ढकोसले ही कर रही है।
बैठक में कार्यवाहक अध्यक्ष कामरेड देवीशंकर महावर ने कहा कि 90 दिन के वेरिफिकेशन के लिए यूनियनों को अधिकार दिया जाए ताकि मजदूरों को आसानी से योजनाओं का लाभ मिल सके व दलाली करने वालो पर रोक लग सके,बोर्ड व श्रम विभाग अधिकारियों की मनमर्जी पर रोक लगाई जाए, बेमानी शर्तो पर रोक लगे,निर्माण मजदूरों का पंजीकरण किए जाए, प्रदेश में बजरी रेती खनन पर लगी रोक को हटाया जाए, ई मित्र संचालकों द्वारा श्रमिको से मनमाने तरीके ऑनलाइन चार्ज वसूली करने पर रोक लगाई जाए, निर्माण मजदूरों को 6 माह तक 7500 रु नगद भुगतान किये जायें, सभी सुविधाओं का लाभ निर्माण मजदूरों तक पहुचाने के लिए सभी प्रकार के योजना आवेदनों को स्थानीय रजिस्टर्ड निर्माण मजदूर यूनियन के पदाधिकारियों से सत्यापन करवाने के बाद ही ऑनलाइन आवेदन लेना अनिवार्य किया जाए,आदि मांगो को लेकर जिला व तहसील स्तर पर धरने प्रदर्शन करने के लिए निर्माण मजदूर यूनियन द्वारा मजदूरों के बीच हस्ताक्षर अभियान चलाकर ,सरकार की मजदूर विरोधी गतिविधियों से मजदूरों को अवगत कराया जाएगा। अगर राज्य सरकार निर्माण मजदूर यूंनियन की उक्त मांगो के साथ मजदूरों की समस्याओं का समाधान नही करती है तो तहसील पीपल्दा क्षेत्र के सैकड़ो निर्माण मजदूर राज्य सरकार के खिलाफ उपखण्ड कार्यालय के सामने प्रदर्शन करेंगे।
3 अगस्त को सरकार के विरोध में किये जाने वाले प्रदर्शन की तैयारी करने का निर्णय लिया गया। मीटिंग में कमलबागड़ी, दुलीचन्द आर्य,राजेन्द्र गौमे, राकेश कुमार,प्रेमपेन्टर, द्वारकाप्रसाद, गोपाललाल, मांगीलाल ,सहित यूंनियन पदाधिकारी और पीपल्दा क्षेत्र के सैकड़ो निर्माण मजदूरों और सीटू कार्यकर्ताओ ने बैठक में भाग लिया।

 

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