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बिहार चुनाव: कन्हैया कुमार, तेजस्वी के नेतृत्व में मोदी को किस हद तक चुनौती दे पाएंगे?

जगन्नाथ सरकार बिहार में सीपीआई (कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया) के संस्थापकों में से एक रहे. 1989 में लोकसभा चुनाव से पहले वीपी सिंह के जनता दल ने सीपीआई से गठबंधन किया था.

एक जनसभा में जनता दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने जगन्नाथ सरकार के कंधे पर हरे रंग की पट्टी डालने की कोशिश की थी, तो सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया था.

उन्होंने हरे रंग की पट्टी को हटाते हुए कहा था कि इस शरीर पर केवल लाल रंग ही चढ़ सकता है. सरकार का जीवन भी ऐसा ही रहा. 1930 के दशक से उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीति शुरू की थी और मरते दम तक कम्युनिस्ट रहे.

70 के दशक में बिहार विधानसभा में मुख्य विपक्षी पार्टी रही सीपीआई के नेताओं का तेवर तब ऐसा था. अब यह पार्टी बिहार में पिछले चार-पाँच सालों से जेनएयू में छात्र नेता रहे कन्हैया कुमार के कारण चर्चा में है.

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